कहानियों के नगर में!

कहानियाँ सिर्फ शब्दों का व्यवसाय नहीं बल्कि एहसासों को कागज़ पर उतारने का भी नाम है..और इस तरह जिंदगी को एक अलग नज़रिए से देखने की कोशिश भी..

शनिवार, 13 मई 2017

मधु-दूसरा भाग प्रचार


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सर्वप्रथम आप सभी का स्वागत है कहानियों के नगर में। आशा है मेरी कहानियाँ आप सभी की अपेक्षाओं पर खरी उतरने में सफल होंगी। मेरी नज़र में कहानी की रचना प्रक्रिया तब तक अपूर्ण है जब तक उसे पढ़ने वाले की प्रतिक्रिया न मिल जाए। एक लिखनेवाले के लिए इससे बढ़कर कुछ नहीं होता। कहना न होगा कि आपकी टिप्पणी की प्रतीक्षा रहेगी।

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अभिशांत शर्मा

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